कार्ल गुस्टाफ युंग (जर्मन : (ˈkarl ˈɡʊstaf ˈjʊŋ); 26 जुलाई 1875 – 6 जून 1961) स्विटजरलैण्ड के मनोवैज्ञानिक तथा मनश्चिकित्सक थे। उन्होने वैश्लेषिक मनोविज्ञान (analytical psychology) की नींव डाली।

१००९ में कार्ल युंग

परिचयसंपादित करें

मनोविश्लेषण सिद्धान्त संप्रदाय के संस्थापक फ्राइड, एडलर और युंग ये तीनों ही माने जाते हैं। युंग, फ्राइड के सहयोगी एवं शिष्य थे। फ्राइड के बाद मनोविश्लेषण संप्रदाय के कार्य को सबसे अधिक युंग ने ही आगे बढ़ाया।

कार्ल गस्टेव युंग का जन्म स्विट्जरलैण्ड के कैस्विल नगर में 26 जुलाई 1875 को हुआ। इनके पिता पादरी थे। इस कारण युंग के प्रारम्भिक जीवन पर दर्शन और धर्म का पर्याप्त प्रभाव पड़ा। उन्होंने चिकित्साशास्त्र में उपाधि प्राप्त की। 1907 में वे फ्राइड के सम्पर्क में आये।

फ्राइड, युंग और एडलर ने मिलकर मनोविश्लेषण संप्रदाय की स्थापना की और इसके विकास के लिए तीनों साथ-साथ कार्य करने लगे। परन्तु कालान्तर में युंग ने 1912 में फ्राइड का साथ छोड़ दिया। फ्राइड से अलग होने का कारण यह था कि फ्राइड हर क्षेत्र में काम (Sex) तथा लिबिडो (Libido) पर अधिक बल देता था। युंग ने स्वीकार किया कि व्यक्ति के जीवन में काम या लिबिडो का महत्त्वपूर्ण स्थान है परन्तु इसे इतना अधिक महत्व नहीं देना चाहिए जितना फ्राइड ने दिया।

1913 में उसने नये संप्रदाय की स्थापना की। इस संप्रदाय को ‘विश्लेषी मनोविज्ञान’ (एनालिटिकल साइक्लोजी) के नाम से जाना गया। युंग ने कई देशों के साथ भारत की भी यात्रा की और ये भारतीय संस्कृति तथा इसके दर्शन से बहुत प्रभावित हुए।

युंग ने व्यक्तित्व संरचना में अहम् तथा स्व (Ego and Self), व्यक्तिगत अचेतन (Personal unconciousness) एवं सामूहिक अचेतन (Collective unconscious), मुखौटा (Persona), एनिमा या अन्तःनारी (Anima), एनिमस या अन्तःनर (Animus), छाया (Shadow) सम्बन्धी संकल्पनाओं को प्रस्तुत किया। लिबिडो या काम-वासना पर भी उसने अपने विचारों को प्रस्तुत किया।

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