ह्यूमन राइट्स वॉच के अनुसार ये चीन सरकार द्वारा अपने ही नागरिकों को अवैध ढंग से बिना किसी कारण कारावास में रखने के लिए गुप्त रूप से संचालित केंद्र हैं। ‘काले कारावास’ के रूप में जाने जाने वाले ये हिरासत केंद्र सरकारी होटलों और मनोवैज्ञानिक अस्पतालों में चलाए जाते हैं। इनमें रखे जाने वाले लोगों में गैर अपराधी आम लोग भी शामिल रहते हैं। 'ऐन एलेवे इन हेल' नामक रिपोर्ट में ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि आम लोगों को अक्सर सड़कों पर से उठा लिया जाता है और फिर उन्हें ग़ैर क़ानूनी हिरासत केंद्रों में ले जाया जाता है। कभी-कभी उनका सारा सामान छीन लिया जाता है, उन्हें मारा-पीटा जाता है और उन्हें ये भी नहीं बताया जाता है कि उन्हें क्यों हिरासत में लिया गया है। ह्यूमन राइट्स वॉच की सोफ़ी रिचर्ड्सन के अनुसार बीजिंग में 'ब्लैक जेल' का होना चीन सरकार की उस बयान का मज़ाक उड़ाता है, जिसमें चीन सरकार मानवाधिकार की स्थिति सुधारने और क़ानून का शासन स्थापित करने की बात करती है ह्यूमन राइट्स वॉच का कहना है कि उसने इस साल के शुरू में हिरासत में रखे गए 38 लोगों से बातचीत के आधार पर इस रिपोर्ट के लिए सूचना जुटाई है।

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बीबीसी