कुन्थुनाथ

सत्रहवें तीर्थंकर प्रभुजी
(कुंथनाथ से अनुप्रेषित)

कुन्थुनाथ जी जैनधर्म के सत्रहवें तीर्थंकर हैं। इनका जन्म हस्तिनापुर में हुआ था। पिता का नाम शूरसेन (सूर्य) और माता का नाम श्रीकांता (श्री देवी) था। बिहार में पारसनाथ पर्वत के सम्मेद शिखर पर इन्होंने मोक्ष प्राप्त किया। [1][2][3]

कुन्थुनाथ
सत्रहवें जैन तीर्थंकर
Worship of Kunthu.jpg
कुन्थुनाथ भगवान की प्रतिमा
विवरण
अन्य नाम कुन्थुनाथ जिन
शिक्षाएं अहिंसा
गृहस्थ जीवन
वंश इक्ष्वाकु
पिता राजा शूर
माता रानी श्रीदेवी
पंचकल्याणक
जन्म स्थान हस्तिनापुर
मोक्ष स्थान सम्मेद शिखर
लक्षण
रंग स्वर्ण
चिन्ह बकरा
ऊंचाई ३५ धनुष (१०५ मीटर)
आयु ९५,००० वर्ष
शासक देव
यक्ष गन्धर्व
यक्षिणी बाला

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

संदर्भसंपादित करें

  1. von Glasenapp 1999, पृ॰ 308.
  2. Forlong 1897, पृ॰ 14.
  3. Tukol 1980, पृ॰ 31.