कुआँ या कुँवा या कूप जमीन को खोदकर बनाई गई एक संरचना है जिसे जमीन के अन्दर स्थित जल को प्राप्त करने के लिये बनाया जाता है। इसे खोदकर, ड्रिल करके (या बोर करके) बनाया जाता है। बड़े आकार के कुओं से बाल्टी या अन्य किसी बर्तन द्वारा हाथ से पानी निकाला जाता है। किन्तु इनमें जलपम्प भी लगाये जा सकते हैं जिन्हें हाथ से या बिजली से चलाया जा सकता है।

Well, Historical Village , Bhaini Sahib, Ludhyana , Punjab , India
चेन्नई में एक कुँवा

कुएँ का अन्य प्रयोग

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विश्व के कुछ स्थानों पर पेट्रोल और गैस-कुएँ भी मौजूद हैं। यहाँ ज़मीन की खुदाई का काम पूरा करके कई लाख क्यूबिक मीटर गैस का प्रतिदिन उत्पादन किया जाता है।[1]

इन्हें भी देखें

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  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 11 दिसंबर 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 10 दिसंबर 2015.

बाहरी कड़ियाँ

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चन्द बावड़ी - क्रमश: घटता हुआ चौकोर कुँवा