कुड़मी महतो

भारत में एक जनजाति , जो अभी 'अन्य पिछड़े वर्ग' में शामिल है।

कुड़मी महतो भारत की एक जनजाति है जो झारखंड , ओडिशा, असम और पश्चिम बंगाल राज्य में पाए जाते हैं।[1] इन्हें माहतअ , महतो, कुड़मी, महन्ता, मोहंत से भी जाना जाता है।

कुड़मी महतो
कुल जनसंख्या
२ करोड़
महत्वपूर्ण जन्संख्या वाले क्षेत्र
झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल,असम
भाषा

कुड़माली

धर्म

सरना

वर्तमान समय में कुड़मी महतो जाति झारखंड , ओडिशा और पश्चिम बंगाल राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के रूप में वर्गीकृत किया गया है।[2]

उल्लेखनीय लोगसंपादित करें

  • रघुनाथ महतो, स्वतनत्रता सेनानी
  • चानकु महतो (परगनइत),स्वतंत्रता सेनानी
  • दामोदर साँखुआर, पंचकोट के प्रथम राजा
  • बिनोद बिहारी महतो
  • निर्मल महतो
  • पूर्णिमा महतो, भारतीय तीरंदाज
  • छूटनी महतो, पद्मश्री से सम्मानित
  • टेकलाल महतो
  • सुदेश महतो
  • लक्ष्मीकांत मुतरुआर
  • भोलानाथ महतो, झूमर गायक
  • मधुमिता कुमारी, भारतीय तीरंदाज
  • मथुरा प्रसाद महतो
  • शहीद पहाड़ू महतो आदारडीह, चौका
  • उर्मिला महंतो, कुड़मली झूमर लोक गायिका।
  • गौतम कुमार महतो (कुडमी विवाह गायक)
  • लम्बोदर महतो (कुड़मी)-आगरदाहा -झारखण्ड आंदोलनकारी

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Gautam Kumar Bera (2008). The Unrest Axle: Ethno-social Movements in Eastern India. Mittal. पृ॰ 114.
  2. "कुड़मी को ST का दर्जा तभी, जब TRI अनुशंसा करे, लेकिन रिसर्च वाला ही कोई नहीं है". www.bhaskar.com. मूल से 21 अप्रैल 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 18 मई 2019.