कृष (2006 फ़िल्म)

2006 की हिन्दी फिल्म

कृष 2006 में बनी हिन्दी भाषा की सुपरहीरो वाली फिल्म है, जिसका निर्देशन, निर्माण और लेखन का कार्य राकेश रोशन ने किया है। इस फिल्म में मुख्य किरदार रितिक रोशन, प्रियंका चोपड़ा, रेखा और नसीरुद्दीन शाह निभाए हैं। ये कृष शृंखला का दूसरा फिल्म है, और कोई मिल गया का दूसरा कड़ी है। इसकी कहानी कृष्णा के आसपास घूमती रहती है, जिसे अपने पिता, रोहित मेहरा से कुछ शक्तियाँ मिली हुई हैं।

कृष

कृष का पोस्टर
अभिनेता ऋतिक रोशन,
प्रियंका चोपड़ा,
नसीरुद्दीन शाह
संगीतकार राजेश रोशन
प्रदर्शन तिथियाँ
  • जून 23, 2006 (2006-06-23)
देश भारत
भाषा हिन्दी
लागत ₹45 करोड़
कुल कारोबार ₹117 करोड़

रोहित और निशा मेहरा का पाँच साल का बेटा कृष्णा मेहरा से आयक्यु टेस्ट में कुछ सवाल पुछने पर उसके शिक्षक को लगता है कि कृष्णा के पास कुछ असाधारण बुद्धी है। ये बात जब वो उसकी दादी सोनिया (रेखा) को बताता है तो उसे डर लगता है कि जिस तरह उसने अपने बेटे को इन शक्तियों के कारण खो दिया था, कहीं वो अपने पोते को भी न खो दे, इस कारण वो अपने पोते की इन शक्तियों को दुनिया से छुपाने के लिए दूर पहाड़ में बसे एक गाँव में चले जाती है। कई सालों के बाद कुछ लोग उस गाँव में कैंप के लिए आते हैं, इसी दौरान प्रिया ग्लाइडर से गिरती रहती है, और कृष्णा उसे बचा लेता है, और इस तरह पहली बार कृष्णा (रितिक रोशन) की मुलाक़ात प्रिया (प्रियंका चोपड़ा) से होती है। कृष्णा को प्रिया से प्यार हो जाता है, और वहीं प्रिया को कृष्णा के इतनी आसानी से पहाड़ पर चढ़ने आदि को देख कर बहुत हैरानी होती है।

जब प्रिया अपने घर, सिंगापुर जाती है, तो उसकी बॉस (अर्चना पुरन सिंह) उसे और उसकी दोस्त को पाँच दिन का बिन-बताए छुट्टी लेने के लिए नौकरी से निकाल देती है। तब उसकी दोस्त, हनी बोलती है कि उन लोग इन पाँच दिनों में काम ही कर रहे थे और वो कृष्णा के बारे में अपने बॉस को बताती है और टीवी पर उसके बारे में दिखाने को लेकर योजना बताती है। प्रिया को पता होता है कि कृष्णा उससे प्यार करता है और उसे सिंगापुर में लाने के लिए वो झूठ बोल देती है कि उसे उससे प्यार है और कहती है कि उसे सिंगापुर आ कर, उससे शादी करने के लिए उसकी माँ से इजाजद लेनी पड़ेगी। कृष्णा की दादी मना करते हुए कहती है कि लोग उसकी शक्तियों का लाभ लेना चाहते हैं। वो उसे बताती है कि उसके पिता रोहित को डॉक्टर सिद्धान्त आर्या एक ऐसे कंप्यूटर बनाने बोलता है, जो भविष्य देख सके, जिससे लड़ाई को रोका जा सके, पर बाद में रोहित को पता चलता है कि उसका मकसद अच्छा करना नहीं है, इस कारण वो मशीन को तोड़ देता है। बाद में पता चलता है कि रोहित की प्रयोगशाला में मौत हो गई। इस खबर से दुःखी निशा की भी कुछ दिनों बाद मौत हो जाती है। ये सब जानने के बाद कृष्णा अपनी दादी से वादा करता है कि वो अपनी शक्तियों को कभी उजागर नहीं करेगा। उसकी दादी उसे सिंगापुर जाने की इजाजत दे देती है। सिंगापुर में प्रिया और हनी उससे कई तरह के काम कराते हैं, पर कृष्णा कुछ भी खास नहीं कर पाता, जिससे उन दोनों को निराशा होती है और नौकरी से फिर से निकाले जाते हैं।

घूमते हुए कृष्णा की मुलाक़ात क्रिस्टन ली (बिन ज़िआ) से होती है, जो अपनी छोटी बहन के पैरों के इलाज के लिए पैसे जमा करने की कोशिश करते रहता है। कृष्णा उसकी मदद करता है और वो उसे ग्रेट बॉम्बे सर्कस में आने के लिए टिकट देता है। करतब दिखाते समय वहाँ आग लग जाती है। कई बच्चे वहाँ फंस जाते हैं और कृष्णा उन्हें बचाना चाहता है, पर बिना अपनी शक्तियों को दिखाये। तभी उसे एक टूटा मास्क दिखाई देता है, वो अपने जैकेट को उल्टा कर मास्क और जैकेट पहन लेता है। मदद करते समय किसी बच्चे के द्वारा नाम पुछने पर वो अपना असली नाम बता देता है, पर बीच में ही रुक जाता है। उस घटना के बाद सभी जगह "कृष" नाम फैल जाता है। एक दिन गुंडों को सबक सीखाने के बाद जैसे ही कृष्णा अपना मास्क उतारता है, तो उसे क्रिस्टन ली देख लेता है। कृष्णा उसे अपनी पहचान छुपाने बोलता है, और वो मास्क उसे दे कर इनाम में मिले पैसों से अपनी बहन की सर्जरी कराने बोलता है।

इसी बीच, प्रिया को अपने कैमरे के वीडियो को देख कर पता चल जाता है कि कृष्णा ही कृष है। वो और हनी इसे टीवी पर दिखा कर कृष्णा को सितारा बनाने की सोचते हैं। उसके बाद प्रिया और हनी के बीच बातचीत चलती रहती है कि यदि प्रिया उसे झूठे प्यार में नहीं फंसाती तो कृष्णा कभी यहाँ तक नहीं आ पाता, और ये सारी बात कृष्णा सुन लेता है और वहाँ से चले जाता है। पर प्रिया उसके बाद हनी से कहती है कि उसे सच में कृष्णा से प्यार हो गया है।

कृष्णा अपने घर जाने की सोचता है और तभी प्रिया वहाँ आ जाती है, और उसके बाद प्रिया को अपनी गलती का पता चलता है कि कृष्णा जानबुझ कर अपनी पहचान छुपाना चाहता है। और वो बॉस को कृष की पहचान दुनिया को दिखाने से रोकने की कोशिश करती है। विक्रम सिन्हा (शरद सक्सेना) कई सालों से कृष्णा की तलाश करते रहता है। जब कृष्णा, प्रिया से नाराज हो कर हवाई अड्डे पर आता है, तभी उसकी मुलाक़ात विक्रम से होती है और वो उसे बताता है कि उसके पिता, रोहित मेहरा अभी भी जीवित हैं और डॉक्टर सिद्धान्त उसे भविष्य देखने वाले मशीन के बनने तक जीवित रखेगा। उसके बाद वो उस मशीन का उपयोग अपने बुरे कामों में करेगा।

इसी दौरान सिद्धान्त कई सालों के बाद उस मशीन को फिर से बनाने में सफल हो जाता है। जब वो उसे पहली बार इस्तेमाल करता है तो उसे अपना भविष्य दिखता है कि कृष उसे मारने वाला है। सिद्धान्त इस कारण क्रिस्टन को मार देता है, क्योंकि उसे लगता है कि वो कृष है। कृष्णा उससे अपने पिता को छुड़ाने के लिए उसके द्वीप में आ जाता है। वापस आकर जब सिद्धान्त अपना भविष्य फिर से देखता है तो उसे फिर से वही चीज दिखाई देता है। वो सीसीटीवी से कृष को उसके द्वीप में जीवित देख कर दंग रह जाता है।

कृष जब अन्दर आता है तो कई सारे गुंडे उस पर हमला करते हैं, पर वो सभी को हरा देता है, तभी विक्रम के सिर पर सिद्धान्त गोली मार देता है और दिखाता है कि प्रिया और रोहित उसके कब्जे में हैं। कृष उसे मारने लगता है और मरने से थोड़ा समय पहले वो कृष से पूछता है कि वो कौन है। कृष अपना मास्क निकालता है और उसके बाद सिद्धान्त की मौत हो जाती है। वो रोहित को बताता है कि वो उसका बेटा है और वे तीनों भारत वापस आ जाते हैं। रोहित अपने पिता के पुराने कम्प्युटर का जादू से बात करने के लिए इस्तेमाल करता है और बहुत दूर एक अंतरिक्ष यान दिखाई देता है। इसी के साथ कहानी समाप्त हो जाती है।

बाहरी कड़ियाँ

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