भारत में कॉपीराइट अधिकारों की रक्षा के लिए १९५७ में निर्मित विधेयक।

भारतीय कॉपीराइट अधिनियम 1957 का उद्देश्य बाणिज्यिकरण को बढ़ाबा देना नहीं बल्कि लेखकों, प्रकाशकों तथा उपभोक्ताओं सभी के हितों में उचित संतुलन स्थापित करना था। कंप्यूटर, इंटरनेट आदि तकनीकी साधनों के इस दौर में लेखकों और प्रकाशकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए इसमें संशोधन के लिए भारत सरकार ने कॉपीराइट अधिकार संशोधन पत्र 2010 लाने का निर्णय लिया।

भारत में अब तक सात बार संशोधित हो चुका हैं।(1957,1983,1984,1992,1994,2010और 2012)

धारा 51 के अनुसार इसकी अनुमति लेना आवश्यक है। बिना शर्तों के उल्लंघन माना जाएगा लेकिन कॉपीराइट स्वामी के पास प्रति के राईट भी होने चाहिए। न्यूज़पेपर पर यह अधिनियम लागू नही होगा

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