मुख्य मेनू खोलें

खादी

भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान से हैंडपुन और हाथ से बुने हुए कपड़े मुख्य रूप से कपास से बने हैं
खादी कुर्ता

खादी या खद्दर भारत में हाथ से बनने वाले वस्त्रों को कहते हैं। खादी वस्त्र सूती, रेशम, या ऊन से बने हो सकते हैं। इनके लिये बनने वाला सूत चरखे की सहायता से बनाया जाता है।

खादी वस्त्रों की विशेषता है कि ये शरीर को गर्मी में ठण्डे और सर्दी में गरम रखते हैं।

भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन में खादी का बहुत महत्व रहा। गांधीजी ने १९२० के दशक में गावों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये खादी के प्रचार-प्रसार पर बहुत जोर दिया था।

मन की बात में खादीसंपादित करें

भारतीय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मन की बात में कई बार खादी के महत्व तथा उसको प्रोत्साहित करने पर बल दिया है।

मोदी जी ने एक समारोह मे खादी को बढ़ावा देने के लिये नारा दिया था "Khadi for Nation, Khadi for Fashion"[1] अर्थात "खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन"[2] इसके परिणामस्वरूप खादी का अधिक व्यापार होना शुरु हो गाया।

पूर्व प्रधानमन्त्री राजीव गाँधी भी इस उद्योग के समर्थक थे।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

  • "Khadi for nation and Khadi for fashion: Tribute to Bapu". www.narendramodi.in. अभिगमन तिथि 2019-01-29.
  • "Khadi for nation and Khadi for fashion: Tribute to Bapu". www.narendramodi.in. अभिगमन तिथि 2019-01-29.