पीठ पर खुजलाने की कोशिश करता एक व्यक्ति

खुजली त्वचा पर होने वाला अप्रिय अनुभूति (सेंसेसन) है जिसमें उस स्थान को बार-बार खुरचने का जी करता है।

खुजली चार प्रकार की होती है :-

1. बिना दानों के खुजली

2. दाने वाली खुजली

3. बिना दाने या दाने वाली खुजली के कारण खुजली के अन्य लक्षण उत्पन्न होते हैं। खुजली पूरी त्वचा, सिर, मुंखपांव अंगुलियों, नाक, हाथ या प्रजनन अंग आदि अंगों में हो जाती है। खुजली अधिकतर इन्हीं स्थानों पर होती है।

4. बिना दानों वाली या दानों वाली खुजली खुश्क या तर हो सकती है।

दाने या बिना दाने वाली खुजली भिन्न-भिन्न परिस्थितियों में भिन्न भिन्न प्रकार की हो सकती हैं। कोई खुजली स्नान के बाद कम हो जाती है, कोई रात को कपड़े बदलते समय बढ़ जाती है, कोई गर्म सेंक से घटती है, कोई स्थान बदल देती है। एक जगह खुजली ठीक होती ही दूसरी जगह होने लगती है। किसी खुजली में खुजलाते खुजलाते खून निकलने लगता है।

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अगर आपके शरीर में भी होती है खुजली, तो ये हैं कारण और ऐसे करें इलाज

By: गौरव भटनागर

Published On:  Feb, 10 2017 11:36 PM IST

आइए जानते हैं इसके कारणों के बारे में। खुजली की समस्या से कमोबेश सभी का कभी न कभी वास्ता पड़ता ही है।

जब एक बार शरीर में खुजली होना शुरू होती है तो उसे बिना खुजाए चैन नहीं मिलता। लेकिन हम जितना खुजलाते हैं ये उतनी ही फैलती भी जाती है। आइए जानते हैं इसके कारणों के बारे में। खुजली की समस्या से कमोबेश सभी का कभी न कभी वास्ता पड़ता ही है। सबसे पहले जानना जरूरी है कि आखिर  खुजली है क्या? दरअसल यह हमारी त्वचा की दर्द तंत्रिकाओं की उत्तेजना है।


जब हमारी तंत्रिकाएं उत्तेजित होती हैं, तो हमें खुजलाहट का अनुभव होता है, इसमें दर्द का अहसास नहीं होता। त्वचा की दर्द तंत्रिकाएं उत्तेजित क्यों हो जाती हैं? इसके कई कारण हो सकते हैं और कई बार तो खुजली के विचार से ही खुजलाहट होने लगती है। आइए जानते हैं इसके प्रमुख कारणों के बारे में-


कारण

किसी खाद्य पदार्थ या दवा से एलर्जी, त्वचा का रूखा होना,  ठीक से न नहाना, गंदे कपड़े पहनना, किसी विष का प्रभाव, रंगों से  किसी तरह की एलर्जी, गुर्दे की  कोई बीमारी, कैंसर, छपाकी (शरीर पर लाल धब्बे उभरना),  मच्छर या  अन्य कीट के काटने पर, कोई चर्म रोग या पेट में कीड़े होने पर खुजली की समस्या हो सकती है।


प्रभाव

कई बार एक स्थान पर खुजलाने से थोड़ी सी राहत तो मिल जाती है, लेकिन तभी वह त्वचा के दूसरे स्थान पर शुरू हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि खुजली वाले स्थान की दर्द तंत्रिकाएं इतनी ज्यादा उत्तेजित हो जाती हंै कि वे दूसरी जगहों पर फैल जाती हैं और यह अहसास फैलते ही शरीर के दूसरे हिस्सों में भी खुजली होने लग जाती है। कई बार व्यक्ति अपने शरीर को इस कदर खुजलाता है कि त्वचा छिल जाती है और उससे खून निकलने लगता है।


सर्दी में रूखी त्वचा

कई लोगों को सर्दी के दिनों में रूखी त्वचा होने के कारण खुजली हो जाती है। इससे बचने के लिए ज्यादा देर तक न नहाएं और अधिक गर्म पानी के बजाय गुनगुने पानी का प्रयोग करें।


इन बातों का रखें ख्याल

खुजली वाले अंग पर दो मिनट तक बर्फ रगड़ें। इससे त्वचा का तंत्रिका तंत्र कुछ समय के लिए शांत हो जाएगा और आपको राहत मिल जाएगी। यदि मच्छर के काटने से खुजली हो, तो सीधे काटे हुए स्थान पर खुजलाने की बजाय उसके चारों ओर खुजा लें। इससे खुजलाहट फैलेगी नहीं।


सर्दियों में त्वचा को फटने से बचाने के लिए वैसलीन, पेट्रोलियम जैली या बॉडी लोशन लगाएं। यदि घर में किसी सदस्य को खुजली की बीमारी हो, तो उसका रूमाल, तौलिया, चादर आदि का इस्तेमाल  न करें। विज्ञापनों में दिखाई जाने वाले मलहम या लोशन का अपने मन से इस्तेमाल न करें। खुजली से राहत नहीं मिल रही हो, तो चर्म रोग विशेषज्ञ को अवश्य दिखाएं।