ग़यासुद्दीन ख़िलजी मालवा के ख़िलजी वंश का द्वितीय सुल्तान था, जिसका शासन काल (1439-1509 ई.) शान्तिपूर्ण रहा। उसने मरने के एक वर्ष पहले ही अपने बड़े पुत्र को गद्दी पर बैठा दिया था। इसके द्वारा ही शेख की मझार की पहली इमारत का निर्माण करवाया गया था। मान्डू में जहाज महल का निर्माण करवाया जिसे वह जनानखाना के रूप में इस्तेमाल करता था।