गांधारी महाभारत की एक पात्र हैं। वो महाराज धृतराष्ट्र की पत्नी थी और प्रमुख खलनायक दुर्योधन की माँ थीं। गांधारी देख सकती थीं लेकिन पति के आँखों से विकलांग होने के कारण उन्होंने खुद की आँखों पर भी हमेशा के लिए एक पट्टी बाँध ली थी। महाभारत के अनुसार वो सौ पुत्रों की माता थीं। इन्हे सौ पुत्र का वरदान भगवान शिव से मिला । जब गांधारी ने जाना की उनकी देवरानी कुन्ती ने एक पुत्र को जन्म दिया है और बड़ा पुत्र होने के कारण वो ही राजा बन सकता है जिससे उसके पति को अच्छा नही लगेगा तो वो अपने पेट मे मारने लगी जिससे उसका गर्भपात हो गया । जो पिंड उसकी गर्भ से निकला उसको वेदव्यास ऋषि ने योगबल से 101 भागो मे बाट दिया जिससे गांधारी के 100 पुत्र और एक पुत्री ने जन्म लिया युध्द मे जब सभी पुत्र मारे गए तो कुछ समय बाद ये अपने पति के साथ वन मे चली गयी जहाँ तपस्या करने लगी । इन्होंने श्रीकृष्ण को श्राप भी दिया था ।

गांधारी
हिंदू पौराणिक कथाओं के पात्र
नाम:गांधारी
संदर्भ ग्रंथ:महाभारत
जन्म स्थल:गांधार (आधुनिक अफग़ानिस्तान)
माता-पिता:सुबाला (पिता)
भाई-बहन:शकुनि (भाई)
जीवनसाथी:धृतराष्ट्र
संतान:दुर्योधन दुशासन विकर्ण समेत 97 पुत्र और दुशला (पुत्री)
     ref>"महाभारत के वो 10 पात्र जिन्हें जानते हैं बहुत कम लोग!". दैनिक भास्कर. २७ दिसम्बर २०१३. मूल से २८ दिसम्बर २०१३ को पुरालेखित.</ref>

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