गायरी या गाडरी भारतीय राज्य राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र का एक जाति-समूह है, इन्हें पशुपालक जातियों की श्रेणी में रखा जाता था। वर्तमान में यह गडरिया[1] जाती की एक वृहद खाँप में से एक है।[2]राजस्थान सरकार ने एक अधिसूचना द्वारा गुर्जर एवं चार अन्य तीन जातियों के साथ इस जाति को अन्य पिछडा वर्ग (ओबीसी) में शामिल किया है, जबकि पहले यह जातियां विशेष पिछडा वर्ग (एबीसी) में शामिल थीं। [3]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Himanshu Publications, 01-Dec-2000 - Social Science - 370 pages, A. N. Bhattacharya. "Shop for Books on Google Play Browse the world's largest eBookstore and start reading today on the web, tablet, phone, or ereader. Go to Google Play Now » My library My History Books on Google Play Human geography of Mewar". |title= में 30 स्थान पर line feed character (मदद)
  2. तनेगारिया, राहुल. "मेवाड़ में जातिगत सामाजिक ढ़ाँचा : एक विश्लेषण". ignca.nic.in. अभिगमन तिथि 6 जनवरी 2018.
  3. "पांच जातियों को फिर से अन्य पिछडा वर्ग में शामिल करने की अधिसूचना जारी की". नवभारत टाइम्स. 19 मई 2017. अभिगमन तिथि 6 जनवरी 2018.