गाली-गलौज का अर्थ है, सामाजिक रूप से भाषा की आक्रमक उपयोग । [1] हिन्दी में इसे अपशब्द भी कहते हैं। गाली को प्रायः अपमानजनक माना जाता है और छोटी गालियों से बड़ी गालियाँ और अन्ततः मारपीट तक हो जाती है। 'मादरचोद', 'बहनचोद', 'बेटीचोद', 'चूतिया', 'गांडू', 'साला', 'कुत्ता', 'गधा', 'हरामी', 'दोगला', 'नीच', 'चाण्डाल', 'हिजड़ा', 'चोट्टा', 'तेरी बहन की चूत', 'तेरे बाप का भोसडा' आदि हिन्दी की कुछ प्रमुख गालियाँ हैं। सभी भाषाओं और संस्कृतियों में गालियाँ मिलतीं हैं।

कार्टूनों और कॉमिक्स में, अपशब्दों को अक्सर प्रतीकों के माध्यम से दर्शाया जाता है।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "Definition of Profanity", Merriam-Webster Online Dictionary, retrieved on 2014-08-31.