गुआंचे

वेदी
कटोरे
प्रतिमा

गुआंचे (स्पेनी भाषा: Spanish, Guanches), कैनरी द्वीपसमूह पर निवास करने वाले आदिवासी हैं जिन्हें बर्बर नाम से जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि ये लोग वहाँ पर १००० ई॰पू॰ अथवा इससे भी पहले बस गये थे।

इतिहासEdit

इन द्वीपों पर फ़ोनीशिया, प्राचीन यूनान और कार्थेज जैसी प्राचीन सभ्यताओं के नाविक कभी-कभी आ जाते थे। रोमन इतिहासकारों का बयान है कि उनके नाविकों को यहाँ मनुष्यों के कोई निशान नहीं मिले, जबकि कार्थेज के नाविकों का कहना था के उन्होने यहाँ बड़ी इमारतों के खण्डर देखे। जब यूरोप के लोग इन द्वीपों पर पहुँचे तो यहाँ उन्हें कुछ आदिवासी बसे हुए मिले, जिन्हें "गुआंचे" कहा जाने लगा। यह अभी अज्ञात है कि यह लोग इन द्वीपों पर कैसे पहुँचे और इनका इतिहास क्या था। आनुवंशिकी (यानि जॅनॅटिक्स) और भाषावैज्ञानिक अध्ययन से पता चला है कि कुछ गुआंचे लोग उत्तर अफ़्रीका में रहने वाले बर्बर लोगों से सम्बंधित थे।[1]

कैनरी द्वीप का विजय 1402 से 1496 तक लगभग एक सौ वर्ष तक चली, इसका मतलब था कि सभी द्वीपों में एबोरजीनी संस्कृति के तत्वों के बहुत से गायब होने, बसने वालों और स्थानीय लोगों के बीच ईसाइयत और मस्तियाज़े में रूपांतरण

धर्म और जीवन शैलीEdit

गुआं के पास बहुदेववादी धर्म था जो प्रकृति के कई देवता थे। उन्होंने यह भी शवों के मस्तिष्क का अभ्यास किया, विशेष रूप से टेनेरिफ़ के द्वीप पर आदिवासी मुख्यतः प्राकृतिक गुफाओं या ज्वालामुखीय ट्यूबों में रहते थे, हालांकि सतह पर पत्थर के आश्रय, कॉटेज और गांव भी थे।

अर्थव्यवस्थाEdit

अर्थव्यवस्था गुआंच मुख्यतः पशुधन पर आधारित थी कृषि मुख्यतः अनाज था, गेहूं और जौ की प्रजातियों की खेती, साथ ही मटर और अन्य फलियां। अनाज के मुख्य उपयोगों में से एक पारंपरिक गोफ़ियो का विस्तार था। द्वीपों पर निर्भरता जंगली पौधे की प्रजातियों के संग्रह से पूरी हुई थी; जानवरों का शिकार, मुख्य रूप से पक्षियों और बड़े सरीसृप; और मछली पकड़ने

गैलरीEdit

सन्दर्भEdit

  1. "Old World Contacts/Colonists/Canary Islands".