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2001 का गुजरात भूकंप, जिसे भुज भूकंप के नाम से भी जाना जाता है, 26 जनवरी 2001, भारत के 51 वें गणतंत्र दिवस, की सुबह 08:46 बजे हुआ और 2 मिनट से अधिक समय तक चला। इसका केंद्र भारत के गुजरात के कच्छ जिले के भचौ तालुका में चबारी गांव के लगभग 9 किमी दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में था।

इंट्राप्लेट भूकंप पैमाने पर इसे  7.7 पर दर्ज किया गया और Mercalli तीव्रता पैमाने पर अधिकतम महसूस की गई तीव्रता X (चरम) की थी। इस भूकंप में 13,805 और 20,023 लोगों की मृत्यु हुई (दक्षिणपूर्वी पाकिस्तान में 18 समेत), 167,000 घायल हो गए और लगभग 400,000 घर नष्ट हो गए। इसके साथ साथ अंजर, भुज,ओर बहुआ तालुका पूर्ण रूप से तबाह हो गए! 40% घर,8% स्कूल,2 अस्पताल तथा 4 कि. मी. भुज की सड़क , शहर के ेेतीहसिक मंदिर ,दुर्ग ,किले, आदि नष्ट हो गए!इस विनाशक भूकंप में गुजरात राज्य की इमारतों के साथ साथ सम्पूर्ण व्यवस्थाओ को हिलाकर रख दिया!



यद्यपि इस आपदा ने भारत सरकार की आपदा पूर्व तैयारी की पोल खोल दी। मीडिया सिविल समाज द्धारा सरकार पर दवाव बना जिसका प्रभाव 2005 के NDMA (NATIONAL DISASTER MANAGEMENT ACT) के रूप में देखा जा सकता है।