हरियाणा के हिसार क़िले में स्थित महल आज भी सुल्तान फ़िरोज़ शाह तुग़लक़ और की अमर प्रेमकथा की गवाही दे रहा है। महल भले ही आगरा के ताजमहल जैसी भव्य इमारत न हो, लेकिन दोनों की पृष्ठभूमि प्रेम पर आधारित है। ताजमहल मुग़ल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज़ की याद में १६३१ में बनवाना शुरू किया था, जो २२ साल बाद बनकर तैयार हो सका। हिसार का महल १३५४ में फ़िरोज़ शाह तुग़लक़ ने अपनी प्रेमिका के प्रेम में बनवाना शुरू किया, जो महज़ दो साल में बनकर तैयार हो गया। महल में काला पत्थर इस्तेमाल किया गया है, जबकि ताजमहल बेशक़ीमती सफ़ेद संगमरमर से बनाया गया है। इन दोनों ऐतिहासिक इमारतों में एक और बड़ी असमानता यह है कि ताजमहल शाहजहां ने मुमताज़ की याद में बनवाया था। ताज एक मक़बरा है, जबकि महल फ़िरोज़ शाह तुग़लक़ ने के रहने के लिए बनवाया था, जो महल ही है।