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बलिया जिले के समाजवादी नेताओं मे अग्रणी रहे गौरी शंकर भइया का जन्म जिले के ही गांव बांसथाना, पोस्ट सागरपाली मे दिनांक 31 जुलाई सन 1947 को हुआ था। इनके माता का नाम स्व० बुजभूषण देवी एवं पिता स्व० रामाज्ञा भैया था। संयुक्त परिवार परंपरा मे चाची का नाम स्व० प्यारो देवी एवं चाचा का नाम स्व० कुलदीप भैया था।

राजनैतिक जीवन मुरली मनोहर टाउन इन्टर कालेज बलिया के छात्रसंघ अध्यक्ष 1967-68 मे रहे तथा अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन का बलिया जनपद में नेतृत्व सन 1967-69 मे किया। मु०म०टा० महाविद्यालय बलिया छात्रसंघ मे सन 1969-70 एवं 1972 -73 मे पदाधिकारी रहे। लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी के द्वारा गठित छात्र महासंघ के बलिया जिलाध्यक्ष सन 1973-75 | आपातकाल में 18 माह की जेल यात्रा महासंघ जून 1975-77 तक जेल में ठा० जगन्नाथ सिंह का सानिध्य |

मा०चंद्रशेखर जी द्वारा नामित अ०भा० युवा जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सन 1978-1980 तक |

अपने निर्वाचन क्षेत्र सम्पर्क मार्ग एवं शैक्षिणिक संस्थाओं का जल बिछाया | बलिया जनपद में युवा एवं छात्र नेताओं को प्रोप्तसाहन एवं विशेष सम्मान दिलाया | सामान्य जनता के विश्वास एवं सहयोगी के रूप में अपने को प्रतिस्थापित किया |

गौरी भइया अपनी ईमानदारी के लिये जाने जाते थे यही कारण है कि लगातार चार बार विधायक रहने के वावजूद अपने लिए एक पक्का मकान भी नही बनवाए

जिले के गरीबो और बेसहारो के लिये वे मसीहा से कम न थे।

गौरी भइया कोपाचीट विधान सभा सीट से लगातार 4 बार 1977, 1980, 1985 और 1989 मे विधायक चुने गये।

मा० मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री काल में कैबिनेट मंत्री लघु सिचाई, ग्राम विकास एवं ग्रामीण अभियंत्रण 1990-91 तक |

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