चार्ल्स का नियम (इसे आयतन नियम के नाम से भी जाना जाता है) प्रायोगिक गैस नियम है जिसके अनुसार गैस को गर्म करने पर उसमें विस्तार होता है। चार्ल्स के नियम का आधुनिक कथन निम्नलिखित प्रकार से लिखा जा सकता है:

आयतन और ताप में सम्बन्ध दिखाने वाला एक चलायमान चित्र।

जब किसी शुष्क गैस को नियत दाब पर रखा जाता है तो केल्विन तापमान और आयतन एक दूसरे के अनुक्रमानुपाती होते हैं।[1]

यह अनुक्रमानुपाती सम्बन्ध निम्न प्रकार लिखा जा सकता है:

V = kT

अथवा

जहाँ:

V गैस का आयतन है
T गैस का (कैल्विन पैमाने पर) तापमान है
k नियतांक है।


सन्दर्भसंपादित करें

  1. फुललिक, पी॰ (1994), Physics [भौतिकी] (अंग्रेज़ी में), हाइनमान, पपृ॰ 141–42, आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-435-57078-1.