जड़वस्तु (fetish) ऐसी किसी वस्तु को कहते हैं जिसमें किसी आत्मा या अलौकिक शक्ति का वास होने की मान्यता हो। किसी जड़वस्तु में आस्था रखने वाले यह मानते हैं कि उसमें पराप्राकृतिक शक्तियाँ हैं और उनका प्रभाव अन्य लोगों पर भी डाला जा सकता है। विश्व के भिन्न स्थानों में अलग-अलग प्रकार की जड़वस्तुएँ मानी जाती हैं। उदाहरण के लिये मध्य अफ़्रीका में न्कीसी नामक मूर्तियों में ऐसी शक्तियाँ विद्यमान मानी जाती हैं।[1][2] जड़वस्तुओं में आस्था रखने की सांस्कृतिक परम्परा को जड़वस्तुवाद (fetishism) कहते हैं।

पश्चिम अफ़्रीका के टोगो देश की राजधानी लोमे में जड़वस्तुओं की एक दुकान (२००८ में लिया गया चित्र)

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. MacGaffey, Wyatt (Spring 1994). "African objects and the idea of fetish". RES: Anthropology and Aesthetics 25: 123–131.
  2. Pietz, William (Spring 1985). "The Problem of the Fetish, I". RES: Anthropology and Aesthetics (The President and Fellows of Harvard College acting through the Peabody Museum of Archaeology and Ethnology) 9: 5–17. JSTOR 20166719.