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जवाहर नवोदय विद्यालय

जवाहर नवोदय विद्यालय - प्रज्ञान ब्रह्म

|- जवाहर नवोदय विद्यालय अथवा नवोदय विद्यालय भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली पूरी तरह से आवासीय, सह शिक्षा, केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली से संबद्ध शिक्षण परियोजना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति - १९८६ के अन्तर्गत ऐसे आवासीय विद्यालयों की कल्पना की गई जिन्हें जवाहर नवोदय विद्यालय का नाम दिया गया[1], जो सर्वश्रेष्ठ ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने का होता है।

जवाहर नवोदय विद्यालय
नवोदय विद्यालय
स्थिति
पूरे भारत में (तमिलनाडु को छोड़कर)
जानकारी
प्रकार सरकारी आवासीय विद्यालय
ध्येय वाक्य "प्रज्ञान ब्रम्ह" (संस्कृत)
(पवित्र ज्ञान परमात्मा के समान)
स्थापना 1986; 32 वर्ष पहले (1986)
संस्थापक मानव संसाधन विकास मंत्रालय,भारत सरकार
शैक्षिक बोर्ड केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE)
ग्रेड VI - XII
परिसराकार 30 एकड़
जालस्थल

परिचयसंपादित करें

राष्ट्रीय शिक्षा नीति १९८६ के अनुसार भारत सरकार ने जवाहर नवोदय विद्यालय प्रारंभ किए थे। प्रत्येक जिलों में आवासीय विद्यालयों की अवधारणा 'नई शिक्षा नीति' १९८६ के अंतर्गत प्रकट हुई। सर्वप्रथम २ ऐसे विद्यालय प्रयोग हेतु खोले गए जो 31.03.2007 की स्थिति के अनुसार कुल 565 हो गए।[2]

वर्तमान में जवाहर नवोदय विद्यालय २७ राज्यों और ७ संघ शासित राज्यो मैं संचालित हैं। यह सह शिक्षा आवासीय विद्यालय है, जिन्हे एक स्वयत्त संगठन, नवोदय विद्यालय समिति के ज़रिए भारत सरकार द्वारा संचालित सम्पूर्ण वित्तीय सहायता प्राप्त है। नवोदय विद्यालय में प्रवेश, जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा के माध्यम से कक्षा ६ में किए जाते हैं। इन विद्यालयों में कक्षा ८ तक शिक्षा का माध्यम मातृभाषा अथवा क्षेत्रीय भाषा है; और इसके बाद से गणित और विज्ञान के लिए माध्यम अंग्रेज़ी और सामाजिक विज्ञान के लिए माध्यम हिन्दी है। जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा १० और १२ की परीक्षा में सम्मिलित होते हैं। यद्यपि इन विद्यालयों के छात्रों को नि:शुल्क आवास, भोजन, गणवेश एवं पाठ्यपुस्तक प्रदान की जाती है; परन्तु कक्षा ९ से १२ तक के विद्यार्थियों से शुल्क प्रति माह रु २०० /-है; और मात्र यही शुल्क सिर्फ छात्रों से लिया जाता है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, बालिकाओं, शारीरिक दिव्यांग एवं उन छात्रों से; जिनके अभिभावक ग़रीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते हैं, को नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है।

प्रवेशसंपादित करें

प्रवेश हेतु कक्षा ५ के विद्यार्थियों के लिये प्रवेश परीक्षा होती है एवं प्रत्येक जिले से ८० छात्रों का चयन किया जाता है। नवोदय विद्यालयों में 75 प्रतिशत ग्रामीण और 25 प्रतिशत शहरी बच्चों को प्रवेश दिया जाता है।[3]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "नवोदय विद्यालय: लक्ष्य एवं विशेषताएं". नवोदय विद्यालय समिति. अभिगमन तिथि २७ नवंबर २००९. |access-date= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)
  2. ""Total 565 JNVs As on 31.03.2007"". नवोदय विद्यालय समिति. अभिगमन तिथि २७ नवंबर. |access-date= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)
  3. "जवाहर नवोदय विद्यालय - वेबदुनिया".

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें