ज़माना कानपुर से प्रकाशित होने वाली प्रमुख उर्दू पत्रिका थी। इसके संपादक मुंशी दयानारायण निगम थे। प्रेमचंद की पहली कहानी सांसारिक प्रेम और देशप्रेम इसी पत्रिका में अप्रैल १९०७ में प्रकाशित हुई थी।[1]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. डॉ॰ कमल किशोर गोयंका- कहानी रचनावली, खंड-१, साहित्य अकादमी, २०१०, भूमिका