ज़ाहिदा हिना (Urdu: زاہدہ حنا) (जन्म 1946) एक उर्दू कहानीकार, संपादक, लेखक व् नाटककार है!

प्रारंभिक जीवनसंपादित करें

ज़ाहिदा हिना का जन्म 5 अक्टूबर 1947 को सासाराम नमक गाँव में बिहार, भारत में हुआ। विभाजन के बाद इनके पिता मोहम्मद अबुल खैर कराची, पाकिस्तान आकर बसे। इन्होने अपनी पहली कहानी की रचना नौ साल की उम्र में की। इन्होने कराची विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि ली तथा उनका पहला निबंध 1962 में प्रकाशित हुआ। उन्होंने पत्रकारिता को अपना कार्यक्षेत्र चुना और 1960 के मध्य में उन्होंने पत्रकारिता आरंभ की। 1970 में उन्होंने विख्यात शाइर जॉन एलिया से विवाह किया। वे 1988 से 2005 तक दैनिक जंग नामक अखबर से जुडी रही और 2005 में उन्होंने दैनिक एक्सप्रेस नामक अख़बार का रुख किया। 2006 से वे एक भारतीय अख़बार दैनिक भास्कर की रविवार को प्रकाशित होने वाले पत्रिका 'रसरंग' में "पाकिस्तान डायरी" नामक लेख लिख रही हैं। वर्त्तमान में वे रेडियो पाकिस्तान, बी बी सी उर्दू, तथा वॉइस ऑफ़ अमेरिका पर कर्यरत हैं। वे कराची पाकिस्तान में रहती हैं।

कार्यसंपादित करें

जाहिदा हिना ने लगभग दो हज़ार से भी ज्यादा पत्रकारी लेख लिखे है ! उनके कई काहानिया हिंदी मराठी, बंगाली तथा अंग्रेजी में अनुवादित हुयी है ! उनके कुछ प्रमुख लेख इस प्रकार है :-

  • " कैदी साँस लेता है "(कहानी संग्रह)
  • " राह में अजल है " (कहानी संग्रह)
  • " न जूनून रहा न पारी " (कहानी संग्रह)
  • " दर्द-अ-शहर " (साहित्य)
  • " दर्द-अ-आशोब " (साहित्य)
  • " ज़र्द परतो का बाण " (साहित्य)

वे परमाणु हथियारों की विरोधी रही है !

सम्मानसंपादित करें

उन्हें कई सम्मानों से नवाज़ा गया है उनमे से कुछ इस प्रकार है !

  • फैज़ पुरुस्कार
  • क.पी .पुरुस्कार
  • सार्क साहित्य पुरुस्कार
  • सिंध वक्ता पुरुस्कार

२००६ में उन्हें पाकिस्तानी की सैनिक तानाशाह पुरुस्कार का विरोध में जन आन्दोलन को मज़बूत करने के लिए पाकिस्तान का सर्वोच्च साहित्य सम्मान दिया गया !

यह भी देखेसंपादित करें