जिवा महाला छत्रपति शिवाजी के अंगरक्षक थे। प्रतापगढ की लड़ाई में इन्होने शिवाजी के प्राण बचाए थे।

येे नाई जााति केे थे। और शिवाजी महाराज के प्राण बचाने के बाद वह "होता जिवा म्हणून वाचला शिवा" के वाक्य से पेहचाने जाते थे।