जीन मैरियन पुर्डी (1945-1985) एक ब्रिटिश नर्स, भ्रूणविज्ञानी और फर्टिलिटी उपचार की अग्रणी थीं। इन विट्रो फर्टिलाइजेशन को विकसित करने में पुर्डी बायोलॉजिस्ट और फ़िज़ियोलॉजिस्ट रॉबर्ट एडवर्ड्स और प्रसूति रोग विशेषज्ञ और स्त्री रोग

जीन पुर्डी
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जन्म जीन मैरियन पुर्डी
25 अप्रैल 1945
कैम्ब्रिज, इंग्लैण्ड
मृत्यु मार्च 16, 1985(1985-03-16) (उम्र 39)
क्षेत्र
प्रसिद्धि in vitro fertilisation

विशेषज्ञ पैट्रिक स्टेप्टो के साथ शामिल थीं। लुईस जॉय ब्राउन, पहली टेस्ट-ट्यूब बेबी, का जन्म 25 जुलाई 1978 को हुआ था और पुर्डी भ्रूण विभाजन को देखने वाली पहली इंसान थी।[1][2][3] एडवर्ड्स को इन विट्रो निषेचन के विकास पर उनके काम के लिए फिज़ियोलॉजी या मेडिसिन में 2010 के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया; हालाँकि, क्योंकि नोबेल पुरस्कार मरणोपरांत प्रदान नहीं किया जाता है, न तो पुर्डी और न ही स्टीप्टो को यह पुरस्कार मिल सका।[4] पुर्डी बॉर्न हॉल क्लिनिक की सह-संस्थापिका थी, लेकिन वहाँ उनकी भूमिका और IVF के विकास में तीस सालों तक उनकी अनदेखी की गई।

शिक्षासंपादित करें

पुर्डी ने 1956 और 1963 के बीच लड़कियों के लिए कैंब्रिजशायर हाई स्कूल में भाग लिया जहाँ वह एक प्रीफेक्ट बन गईं, खेल टीमों में शामिल हुईं और ऑर्केस्ट्रा में वायलिन बजाया। उन्होंने कैम्ब्रिज में एड्डेनबरूक्स हॉस्पिटल (Addenbrooke's Hospital) में नर्स बनने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया।[5]

करियरसंपादित करें

एक नर्स के रूप में पंजीकरण प्राप्त करने के बाद, पुर्डी साउथेम्प्टन जनरल अस्पताल में नौकरी करने लगीं, लेकिन वहाँ वह नाखुश थीं और टिशू रिजेक्शन पर स्थानीय स्तर पर काम करने के लिए एक रिसर्च पोस्ट के लिए आवेदन किया, अपने होम काउंटी के पैपवर्थ अस्पताल में स्थानांतरित करने से पहले जहाँ पहली ओपन-हार्ट सर्जरी (और बाद में, हृदय प्रत्यारोपण) का ब्रिटेन में नेतृत्व किया था। 1968 में, उन्होंने कैंब्रिज में फिज़ियोलॉजिकल लेबोरेट्री में रॉबर्ट एडवर्ड्स के साथ काम करने के लिए एक पद के लिए आवेदन किया और उनका आवेदन स्वीकार कर लिया गया।[5][6]

एडवर्ड्स और स्टेप्टो के साथ कामसंपादित करें

स्टेप्टो 1969 में ओल्डहैम के सेंटर फॉर ह्यूमन रिप्रोडक्शन के निदेशक बने। लैप्रोस्कोपी का उपयोग करते हुए, उन्होंने स्वेच्छा से बाँझ महिला से ओवा एकत्र किया, जो गर्भावस्था को प्राप्त करने के लिए उनसे आखिरी उम्मीद लगाए हुए थी। पुर्डी ने स्टेप्टो और एडवर्ड्स के साथ लैब तकनीशियन के रूप में अपना काम शुरू किया।[7] उसने महत्वपूर्ण और अच्छी भूमिका निभाई, इस हद तक कि जब वो अपनी बीमार माँ की देखभाल के लिए जाती थीं, तो अनुसंधान काम को रोकना पड़ता था।[7]

इस दौरान उन्हें अपने काम के लिए आलोचना और दुश्मनी झेलनी पड़ी। यह पुर्डी ही थी जिसने पहली बार निषेचित अंडा देखा था, जो आगे चल कर लुईस ब्राउन बनने वाली, नई कोशिकाओं को बनाने के लिए विभाजित हो रहा था।[8] 1978 में लुईस ब्राउन के जन्म ने धारणाओं को बदल दिया और बढ़ती माँग को समायोजित करने और विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करने के लिए, टीम ने 1980 में बॉर्न हॉल क्लिनिक, कैम्ब्रिजशायर की स्थापना की।[8]

पुर्डी स्टेपटो और एडवर्ड्स के साथ 26 पत्रों पर सह-लेखिका थी, और 370 IVF बच्चों के लिए निषेचन उनके करियर के दौरान की गई थी।[5]

मृत्यु और विरासतसंपादित करें

1985 में मेलिगनेन्ट मेलानोमा से 39 वर्ष की आयु में पुर्डी की मृत्यु हो गई[5] और उसे कैंब्रिजशायर के ग्रांटचेस्टर में दफनाया गया।[9]

MRes प्रजनन विज्ञान और महिला स्वास्थ्य के लिए यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन का पुरस्कार उनके नाम पर है।[10]

मान्यतासंपादित करें

जब यह निर्णय लिया गया कि इस उपलब्धि को रिकॉर्ड करने के लिए एक पट्टिका लगाई जानी चाहिए, तो एडवर्ड्स ने सुझाव दिया कि पट्टिका को "मानव में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन कहा जाना चाहिए, जिसके बाद दुनिया की पहली सफल गर्भावस्था का डॉ॰ रॉबर्ट एडवर्ड्स, श्री पैट्रिक सेप्टो द्वारा इस अस्पताल में प्रदर्शन किया गया जिसमें मिस जीन पुर्डी और उनके सहायक कर्मचारी द्वारा नवंबर, 1977 में"। पुर्डी की उपलब्धियों को नजरअंदाज करने पर ओल्डम एन॰एच॰एस॰ ट्रस्ट को 1982 में एडवर्ड्स का शिकायती पत्र मिला।[7] बॉर्न हॉल ने 2013 में एक पट्टिका बनवाई, जिसमें फिर से पुर्डी के योगदान को अनदेखा कर दिया गया।[6]

1998 में एक प्लेनरी ​​व्याख्यान में, क्लीनिकल ​​आई॰वी॰एफ॰ की 20 वीं वर्षगांठ का जश्न मनाते हुए, रॉबर्ट एडवर्ड्स ने जीन पुर्डी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'आई॰वी॰एफ॰ में तीन मूल अग्रदूत थे और न की सिर्फ दो'।[5] पैट्रिक स्टेप्टो के बेटे प्रोफेसर एंड्रयू स्टीप्टो ने 2015 में एक पट्टिका का अनावरण किया जिसमें तीन लोगों को मान्यता दी गयी जो आई॰वी॰एफ॰ विकसित करने में शामिल थे।[11] आई॰वी॰एफ॰ की 40 वीं वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए 2018 में, बॉर्न हॉल ने "दुनिया की पहली आई॰वी॰एफ॰ नर्स और भ्रूणविज्ञानी" बर्न हॉल क्लिनिक के सह-संस्थापक जीन पुर्डी के लिए एक स्मारक का अनावरण किया।[12]

संदर्भसंपादित करें

  1. "1978: First 'test tube baby' born". BBC News. 25 July 1978. मूल से 15 नवंबर 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 22 March 2019. The birth of the world's first "test tube baby" has been announced in Manchester (England). Louise Brown was born shortly before midnight in Oldham and District General Hospital
  2. Moreton, Cole (14 January 2007). "World's first test-tube baby Louise Brown has a child of her own". The Independent. London. मूल से 28 जनवरी 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 21 May 2010. The 28-year-old, whose pioneering conception by in-vitro fertilisation made her famous around the world. The fertility specialists Patrick Steptoe and Bob Edwards became the first to successfully carry out IVF by extracting an egg, impregnating it with sperm and planting the resulting embryo back into the mother
  3. Weule, Genelle (25 July 2018). "The first IVF baby was born 40 years ago today". ABC News (अंग्रेज़ी में). मूल से 26 जुलाई 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 25 July 2018.
  4. "The 2010 Nobel Prize in Physiology or Medicine – Press Release". Nobelprize.org. 4 October 2010. मूल से 5 अक्तूबर 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 4 October 2010.
  5. Gosden, Roger (2017). ""Jean Marian Purdy remembered – the hidden life of an IVF pioneer"". Human Fertility. 21 (2): 86–69. PMID 28881151. डीओआइ:10.1080/14647273.2017.1351042.
  6. Johnson, Martin H.; Elder, Kay (2015). ""The Oldham Notebooks: an analysis of the development of IVF 1969–1978. V. The role of Jean Purdy reassessed"". Reproductive Biomedicine & Society Online. 1 (1): 46–57. PMC 5341260. PMID 28299364. डीओआइ:10.1016/J.RBMS.2015.04.005.
  7. Halliday, Josh (2019-06-09). "Female nurse who played crucial role in IVF ignored on plaque". The Guardian (अंग्रेज़ी में). आइ॰एस॰एस॰एन॰ 0261-3077. मूल से 8 सितंबर 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2019-06-10.
  8. Johnson, M. H.; Franklin, S. B.; Cottingham, M.; Hopwood, N. (2010). "Why the Medical Research Council refused Robert Edwards and Patrick Steptoe support for research on human conception in 1971". Human Reproduction. 25 (9): 2157–74. PMC 2922998. PMID 20657027. डीओआइ:10.1093/humrep/deq155.
  9. "Louise Brown honours Jean Purdy, the 'forgotten' female IVF pioneer". Bourn Hall. 20 July 2018. मूल से 22 मार्च 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 22 March 2019.
  10. "The Jean Purdy Award". University College London. मूल से 22 मार्च 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 22 March 2019.
  11. Kirby, Dean (16 March 2015). "Scientists who pioneered the first test-tube baby honoured with a blue plaque". men. मूल से 26 जुलाई 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 July 2018.
  12. "ITV News". ITV Report. 20 July 2018. मूल से 26 जुलाई 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 July 2018.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें