जैत्र सिंह, 1213 ई. में मेवाड़ शासक बने। जैत्र सिंह ने मौर्यों को पराजित करके चित्तौड़ पर अधिकार किया था।[1]

दिल्ली के सुल्तान इल्तुतमिश ने इनके शासनकाल में मेवाड़ राज्य पर आक्रमण किया, क्योंकि इल्तुतमिश मेवाड़ को अपने अधिकार में लाना चाहता था, नागदा को लेकर इल्तुतमिश व जैत्र सिंह के बीच 1234 ई. में भूताला का युद्ध लड़ा गया,[2] हालाँकि इस युद्ध में जैत्र सिंह को विजय प्राप्त हुई, लेकिन इस युद्ध में नागदा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।[3] इस कारण जैत्र सिंह ने नागदा व आहड़ के स्थान पर चित्तौड़गढ़ को अपनी नवीन राजधानी के रूप में स्थापित किया,[4] इनके शासनकाल में मंगोल आक्रमणकारी चंगेज खाँ का आक्रमण हुआ। जैत्र सिंह के अन्तिम शासनकाल में 1248 ई. में दिल्ली के सुल्तान नसरूद्दीन महमूद का आक्रमण हुआ। इस कारण जैत्र सिंह मेेेवाड़ के लिए विशेष योगदान नही देे सका, क्योंकि इसे अपने शासनकाल में आक्रमणों से सामना करना पड़ा, फिर भी जैत्र सिंह ने आहड़ को चालुक्योंं की शक्ति से आजाद करानेे में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। डॉ दशरथ शर्मा ने जेत्रसिंह के शासनकाल को मध्यकालीन मेवाड का स्वर्ण काल कहां गया है।[5]

मेवाड़ राजा जैत्रसिंह

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जैत्रसिंह के पिता का नाम पदम सिंह था।[6] जैत्रसिंह को मेवाड़ की प्रतिष्ठा का पुनर्स्थापक भी कहा गया । इन्होंने भूतला का युद्ध 1227 ई० में इल्तुतमिश के साथ किया जिसमें इन्हे पूर्ण विजय प्राप्त हुई । ये बहुत ही साहसी और पराक्रमी थे । युद्ध की जानकारी हम्मीर मदमर्दन ग्रंथ से मिलती है जो की जय सिंह सुरी द्वारा रचित है । इस युद्ध में नागदा पूरी तरह नष्ट हो गई । जैत्र सिंह ने चित्तौड़ को अपनी राजधानी बनाया । 1248 में इल्तुतमिश के उत्तराधिकारी नसीकदीन मेहमूद ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया और बहुत बुरी तरह से हारा । 1223 में चंगेज खान का जब भारत पर आक्रमण हुआ । उस समय मेवाड़ में राजा जैत्र सिंह का शासन था ।।

इनका शासन काल 1213 से 1253 तक रहा।[7] इनके बाद तेज सिंह (जैत्र सिंह का पुत्र) मेवाड़ का शासक बना (1253 से 1273)।[8]

  1. रवींद्र, शर्मा. Rajasthan Lok Seva Ayog Ras/Rts (Prarambhik Pariksha) Paper-I Samanya Gyan Evam Samanya Vigyan (35 Din) - Competitive Exam Book 2021. प्रभात प्रकाशन. अभिगमन तिथि 19 जनवरी 2021.
  2. देवेश, गुप्ता 'सर'. Rajasthan Adhyayan : NTSE - Stage -1 ( Rajasthan State ) Question Answer Series. अथर्व प्रकाशन.
  3. "मेवाड़ के रावल जैत्रसिंह (भाग – 2)". अभिगमन तिथि 13 मार्च 2022.
  4. "राजस्थान के इतिहास के प्रमुख युद्ध". अभिगमन तिथि 14 सितंबर 2020.
  5. कुंवर कनक, सिंह राव. Dharohar Basic Computer Anudeshak Evem Varisth Computer Anudeshak (Hindi Edition). प्रभात प्रकाशन. अभिगमन तिथि 5 मार्च 2022.
  6. "मेवाड़ के रावल जैत्रसिंह (भाग – 1)". अभिगमन तिथि 12 मार्च 2022.
  7. "जैत्रसिंह का इतिहास (1213-1253 ई.)". अभिगमन तिथि 15 जून 2021.
  8. "तेजसिंह". अभिगमन तिथि 15 जून 2022.