जोसेफ विर्स्किंग (Josef Wirsching  ; 22 मार्च 1903 - 11 जून 1967) एक जर्मन चलचित्रकार (सिनेमैटोग्राफर) थे, जो भारत में सिनेमैटोग्राफी में अग्रणी बने। उन्होंने भारतीय सिनेमा के आरम्भिक काल में योगदान दिया। भारतीय सिनेमा के साथ उनका जुड़ाव 1925 में शुरू हुआ जब उन्होंनेे एक अन्य जर्मन फ्रांज ओस्टेन के साथ मिलकर भारत-यूरोपियन सहयोग के अन्तर्गत 'द लाइट ऑफ एशिया' बनाया।

जोसेफ विर्स्किंग
Josef Wirsching
जन्म 22 मार्च 1903
म्युनिख, जर्मनी
मृत्यु 11 जून 1967(1967-06-11) (उम्र 64)
मुम्बई, भारत
राष्ट्रीयता जर्मन
व्यवसाय चलचित्रकार, फिल्म नेर्देशक
प्रसिद्धि कारण महल (1949), पाकीज़ा (1972)

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