टिम्बक्टू की मसजिद

टिम्बक्टू (Timbuktu) माली गणतंत्र का ऐतिहासिक एवं व्यापारिक नगर है। यह एक विश्व धरोहर स्थल है। इस स्थल को यह दर्जा सन १९९८ मे मिला।

परिचयसंपादित करें

टिंबक्टू सहारा मरुभूमि की दक्षिणी सीमा पर तथा नाइजर नदी पर स्थित काबरा बंदरगाह से ९ मील उत्तर दिशा में ८०० फुट की ऊँचाई पर स्थित है। पहले यह 'फ्रेंच सूडान' प्रदेश में था। टिंबक्टू दलदली एवं रेतीले भूभाग के मध्य में है, जिसे 'उष्ट्र-नाव संगमस्थल' (the meeting point of camel and canoe) कहते हैं। इसकी परिधि तीन मील है। इस नगर के मध्य में तीन बड़ी मस्जिदें तथा उत्तरी छोर पर दो किले हैं। यहाँ का मुख्य व्यापार नमक, कपड़ा, लोहे वस्तुएँ, शुतुर्मुर्ग (ostrich) के पर, रबर, तंबाकू, रूई, चीनी तथा सोना है। तथा यहाँ इस्लामी शिक्षा का केंद्र है।

पॉचवी सदी मे बना यह शहर 15वीं-16वी सदी मे सांस्कृतिक और एक व्यापारिक नगरी के रूप मे सामने आया। पुराने समय में इसकी हैसियत महत्वपूर्ण व्यापार मार्गों के केंद्र के रूप में थी। ऊँटों के काफिले सहारा रेगिस्तान हो कर सोना ढोया करते थे। टिंबकटू मे प्राचीन इस्लामी पांडुलिपियों का एक समृद्ध संग्रह है। इसके बारे मे कहा जाता है कि मुस्लिम व्यापारी इस शहर से होकर पश्चिमी अफ्रीका से सोना यूरोप और मध्य-पूर्व ले जाते थे, जबकि उनकी वापसी नमक और अन्य उपयोगी वस्तुओं के साथ होती थी।[1]

सन्दर्भसंपादित करें

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