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टोंस नदी यमुना की सहायक नदी है। यह हर-की-दून घाटी से निकलती है तथा कालसी में यमुना नदी में मिलती है। कर्मनाशा नदी तथा रूपिन नदी मिल करके टोंस नदी बनती है। मोरी से त्यूनी तक टोंस नदी में रैफ्टिंग होती है। टोंस नदी के किनारे ऐसे कई गांव हैं जहां अभी भी उत्तराखंड की लोक संस्कृति अपने मूल रूप में बची हुई है। गोरछा एक ऐसा ही गांव है।[1] टोंस एवं यमुना नदियों के बीच का संपूर्ण क्षेत्र महाभारत की किंवदन्तियों से जुड़ा है।[2]

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