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अलग-अलग रेटिंग के कुछ प्रथनक

ट्रान्जिस्टर एक अर्धचालक युक्ति है जिसे मुख्यतः प्रवर्धक (Amplifier) तथा इलेक्त्रॉनिक स्विच के रूप में प्रयोग किया जाता है। कुछ लोग इसे बीसवीं शताब्दी की सबसे महत्वपूर्ण खोज मानते हैं।

ट्रान्जिस्टर का उपयोग अनेक प्रकार से होता है। इसे प्रवर्धक, स्विच, वोल्टेज नियामक (रेगुलेटर), सिग्नल माडुलेटर, आसिलेटर आदि के रूप में काम में लाया जाता है। पहले जो कार्य ट्रायोड या त्रयाग्र से किये जाते थे वे अधिकांशत: अब ट्रान्जिस्टर के द्वारा किये जाते हैं। इसका उपयोग amplifiers के रूप मे किया जाता है n= nagetiv p= positive

प्रकारसंपादित करें

ट्रांजिस्टर दो प्रकार के होते हैं।

  • बीजेटी या (BJT) या द्विध्रुवी संधि प्रथनक
(1) एनपीएन (NPN)
(2) पीएनपी (PNP)
  • फिल्ड इफेक्ट ट्रांजिस्टर या फेट (FET) या क्षेत्र प्रभाव प्रथनक
(1) जेफेट (JFET)
(2) मॉसफेट (MOSFET)
NPN-ट्रांजिस्टर PNP-ट्रांजिस्टर n-चैनेल जेफेट p-चैनेल जेफेट


      P-channel
      N-channel
MOSFET इन्हाइन्समेन्त MOSFET डिप्लीशन

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें