डाल्टन का नियम

रसायन विज्ञान और भौतिकी में डाल्टन का नियम' या डाल्टन का आंशिक दाब का नियम, परस्पर क्रिया न करने वाली गैसों के कुल दाब तथा उन गैसों के आंशिक दाब के सम्बन्ध में है। इस नियम के अनुसार, परस्पर क्रिया न करने वाली गैसों का कुल दाब उन गैसों के आंशिक दाबों

रसायन विज्ञान और भौतिकी में डाल्टन का नियम' या डाल्टन का आंशिक दाब का नियम, परस्पर क्रिया न करने वाली गैसों के कुल दाब तथा उन गैसों के आंशिक दाब के सम्बन्ध में है। इस नियम के अनुसार, परस्पर क्रिया न करने वाली गैसों का कुल दाब उन गैसों के आंशिक दाबों के योग के बराबर होता है।[1] डाल्टन ने यह प्रायोगिक नियम १८०१ में दिया था। यह नियम आदर्श गैसों पर लागू होता है।

समुद्र तल पर वायु में उपस्थित गैसों का प्रयोग करके डाल्टन के नियम की व्याख्या

अर्थात्

      or      

जहाँ p1, p2, ..., pn प्रत्येक घटक गैस का आम्शिक दाब है।[1]

जहाँ yi , iवें घटक का अणु-अंश है।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Silberberg, Martin S. (2009). Chemistry: the molecular nature of matter and change (5th संस्करण). Boston: McGraw-Hill. पृ॰ 206. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780073048598.