भारत में १८०० में वार्ड कैरे और मार्शमैन द्वारा स्थापित संस्था जिसका उद्देश्य ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार करना था। इसकी स्थापना कलकत्ता से थोड़ी दूर स्थित अंग्रेजों के उस समय के गढ़ श्रिरामपुर में की गई थी।