हाइड्रोजन-२

सामान्य
नाम, चिह्न ड्यूटेरियम, 2H या D
न्यूट्रॉन 1
प्रोटोन 1
न्यूक्लाइड आंकड़े
प्राकृतिक प्रचुरता 0.015%
अर्धायु स्थिर
समस्थानिक द्रव्यम्न 2.014101779 u
स्पिन 1+
अतिरिक्त ऊर्जा 13,135.72±0.1 keV
बाइंडिंग ऊर्जा 2,224.52±0.2 keV

ड्यूटीरियम अथवा ड्यूटेरियम, जिसे भारी हाइड्रोजन भी कहा जाता है, हाइड्रोजन का एक स्थिर समस्थानिक है। इसकी प्राकृतिक उपलब्धता पृथ्वी के सागरों में हाइड्रोजन के लगभग एक परमाणु प्रति 6,500 (~154 ppm) है।

प्रतिड्यूटीरियम संपादित करें

प्रतिड्यूटीरियम, ड्यूटीरियम के नाभिक प्रतिकण है जिसमें एक प्रतिप्रोटोन तथा एक प्रतिन्यूट्रॉन होता है। प्रतिड्यूटीरियम का सर्वप्रथम निर्माण 1965 में सर्न स्थित प्रोटोन सिन्कोट्रॉन[1] तथा ब्रूकहैवन राष्ट्रीय प्रयोगशाला स्थित अल्टरनेटिंग ग्रेडिएंट सिन्कोट्रॉन में किया गया।[2] पोजीट्रॉन सहित एक पूर्ण परमाणु को प्रतिड्यूटीरियम कहा जाता है लेकिन 2013 तक इसका निर्माण सम्भव नहींहो पाया। प्रतिड्यूटीरियम के लिए प्रस्तावित प्रतीक चिह्न D है जो अंग्रेजी अक्षर D के उपर रेखा लगाने पर प्राप्त होता है।[3]

सन्दर्भ संपादित करें

  1. (वीर गडरिया) पाल बघेल धनगर
  2. (वीर गडरिया) पाल बघेल धनगर
  3. (वीर गडरिया) पाल बघेल धनगर


हल्का:
हाइड्रोजन १
ड्यूटीरियम
हाइड्रोजन का समस्थानिक है
भारी:
हाइड्रोजन ३
देखें प्रोटोन क्षय
का क्षय उत्पाद
ड्यूटीरियम
की क्षय शृंखला
स्थिर
के क्षय