तड़ितझंझा या बिजलीयुक्त तूफान एक प्रकार का तूफान होता है। जिसमें बिजली चमकने, तेज हवा चलने आदि की घटना होती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के शब्दावली के अनुसार इसे 'गर्ज के साथ तूफान' कहते हैं।[1]

बिजलीयुक्त तूफान की एक छवि

नामसंपादित करें

इसे विद्युत तूफान (electrical storm), चमकयुक्त तूफान (lightning storm) आदि भी कहते हैं। चूंकि इस तूफान में अत्यधिक बिजली चमकती और गिरती है, इस कारण इसे बिजली युक्त तूफान कहते हैं।

जीवन चक्रसंपादित करें

 
मेघपुंज चरण, परिपक्व चरण व अन्तिम चरण

गर्म हवा का दाब ठंडे हवा से कम होता है। इस कारण गर्म हवा ऊपर की ओर जाने लगता है। इसी तरह यह प्रक्रिया बादल में भी होती है। वह गर्म हवा के साथ नमी आदि को भी ले लेता है। ठंडे और गर्म के कारण जब ऊर्जा निकलती है तो वह यह घूमने लगता है। इसके कारण चमक और बिजली पैदा होती है। सामान्यतः इसे बनने हेतु तीन परिस्थितियों की आवश्यकता होती है।

मेघपुंज चरणसंपादित करें

यह पहला चरण होता है, इसमें बादलों में नमी ऊपर जाने लगती है। दाब में परिवर्तन के कारण हवा गतिमान हो जाता है। यह कम दाब का क्षेत्र बनाता है और लगभग 5×108 किलो ग्राम जल वाष्प को धरती से वायु मण्डल में ले जाता है। इससे भारी जन-धन की हानि हो सकती है।[2]

परिपक्व चरणसंपादित करें

परिपक्व स्थिति में इससे लगातार गर्म हवा निकलती रहती है। यह तब तक होता रहता है, जब तक वह किसी गर्म हवा के क्षेत्र में न पहुँच जाये। इस चरण के दौरान इससे तेज हवा चलती है और खतरनाक चमक के साथ कुछ स्थानों में बिजली गिरती है।

अन्तिम चरणसंपादित करें

अंत में यह जमीन में आ जाता है और आसमान में छोटे छोटे मेघ खण्डों के रूप में अधिशेष रह जाता है।

वर्गीकरणसंपादित करें

  1. कम हानि वाले तूफान
  2. अधिक हानि वाले तूफान

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "संग्रहीत प्रति" (PDF). मूल (PDF) से 5 मार्च 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 15 अगस्त 2015.
  2. "संग्रहीत प्रति". मूल से 15 मार्च 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 15 अगस्त 2015.