जीवविज्ञान में तत्रस्थता (Endemism) किसी जीववैज्ञानिक जाति की वह स्थिति होती है जिसमें वह मूल रूप से केवल एक ही सीमित भौगोलिक क्षेत्र में मिलती है, जैसे कि कोई द्वीप, राज्य, देश या अन्य कोई परिभाषित क्षेत्र। अगर कोई जीव जाति किसी स्थान पर मूल रूप से मिलती है तब भी वह उस स्थान के लिए तत्रस्थ नहीं कहलाती अगर वह अन्य स्थानों पर भी मिलती हो। तत्रस्थता का बिलकुल विपरीत सार्वत्रिक वितरण की दशा है, जिसमें कोई जाति विश्वभर में या विश्व के अधिकांश भागों में मिलती है।[1][2]

नारंगी-छाती सूर्यपक्षी दक्षिण अफ्रीका में तत्रस्थ है, क्योंकि यह मूल रूप से केवल उसी क्षेत्र में मिलती है

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Morrone, Juan J. (2008). Encyclopedia of Ecology. 3 (2 संस्करण). Elsevier. पपृ॰ 81–86. डीओआइ:10.1016/B978-0-444-63768-0.00786-1.
  2. Riley, Adam (13 December 2011). "South Africa's endemic birds". 10,000 Birds. Adam Riley. अभिगमन तिथि 9 December 2020.