ताम्र पाषाण युग या तांबा युग (अंग्रेजी: चाल्कोलिथिक, यूनानी: χαλκός khalkós, "ताम्र" और λίθος líthos, "पाषाण") यह नवपाषाण युग के बाद शुरू होता है लगभग 2000 ईसापूर्व से 1500 ईसा पूर्व के आस पास साथ ही इसे कांस्य युग का ही एक भाग माना जाता है। इस काल में मनुष्य पत्थर के औजार से तांबे के औजार उपयोग करने लग गया था। इस सभ्यता के लोग घोड़े से परिचित नही थे यह राजस्थान मे आहड़ उदयपुर व राजसमन्द जिले मे फैली हुई है। इस संस्कृति के उपकरण मूलतः ताम्र के बने थे किंतु साथ ही साथ पाषाण उपकरण भी प्रचुर मात्रा में मिले हैं। इस कारण इस संस्कृति को ताम्रपाषाणिक संस्कृति कहते हैं।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

  1. नवपाषाण युग (नियोलिथिक)
  2. कांस्य युग