तालमुद यहूदियों की परम्पराओं का संग्रह है। इसका रचनाकाल 5वीं शताब्दी ई.पू. से 3वीं सदी ई. तक का माना जाता है। तालमुद दो तरह के शास्त्रों का सम्मिलित रूप है।

इसका प्रथम भाग के शास्त्र मिश्नाह कहलाते है। मिश्नाह में यहूदी रीति रिवाजों का वर्णन किया गया है। तथा इसके दूसरे भाग के शास्त्र को गेमारा कहते हैं। गेमारा में यहूदी रब्बियों द्वारा सभी परम्पराओं पर लिखी गई टीकाएं शामिल हैं।