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दन्त्यौष्ठ्य नासिक्य (labiodental nasal) एक प्रकार का व्यंजन है। यह ध्वनि अक्सर 'फ़' या 'व' से पहले 'म' उच्चारित करते हुए स्वयं ही उत्पन्न हो जाती है (यानि शुद्ध 'म' के स्थान पर इसे उच्चारित कर दिया जाता है)। उदाहरण के लिए अक्सर अंग्रेज़ी के 'सिम्फ़नी' (symphony) शब्द में 'म' को और हिन्दी के 'संवाद' शब्द में अनुनासिक को इस रूप में उच्चारित कर दिया जाता है। इसे अन्तर्राष्ट्रीय ध्वन्यात्मक वर्णमाला में 'ɱ' लिखा जाता है।[1]

दन्त्यौष्ठ्य नासिक्य
ɱ
अ॰ध॰व॰ संख्या 115
कूटलेखन
इकाई (दशमलव) ɱ
युनिकोड (हेक्स) U+0271
ऍक्स-साम्पा F
कर्शनबाउम M
ध्वनि

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Ladefoged, Peter; Maddieson, Ian (1996). The Sounds of the World's Languages. Oxford: Blackwell. ISBN 0-631-19814-8.