भारतीय संस्कृति में किसी देवता या पवित्र व्यक्ति को देखना, दर्शन कहलाता है। इसी प्रकार तर्कपूर्ण गहन विचारों का चिन्तन भी दर्शन कहलाता है। इस दृष्टि से भारतीय दर्शन के न्याय, वैशेषिक आदि छः दर्शन हैं।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें