दिल ही तो है (1963 फ़िल्म)

1963 की फिल्म

दिल ही तो है 1963 में बनी हिन्दी की फिल्म है। इसका निर्देशन सी॰ एल॰ रावल और पी॰ एल॰ संतोषी ने किया और निर्माण बी॰ एल॰ रावल ने किया। इसमें राज कपूर और नूतन प्रमुख भूमिकाओं में हैं।

दिल ही तो है
चित्र:दिल ही तो है (1963).jpg
फ़िल्म का पोस्टर
निर्देशक सी॰ एल॰ रावल
पी॰ एल॰ संतोषी
निर्माता बी॰ एल॰ रावल
लेखक सी॰ एल॰ रावल
अभिनेता राज कपूर,
नूतन,
प्राण
संगीतकार रोशन
प्रदर्शन तिथि(याँ) 1963
देश भारत
भाषा हिन्दी

संक्षेपसंपादित करें

आपने तीन बच्चों के गुजर जाने के बाद अमीर नवाब जालुद्दीन और उसकी पत्नी ने अपने रिश्तेदारों, सबरा और फरीदा के पास अपने चौथी संतान यूसुफ को छोड़ने का फैसला किया। उनके पास अपना पहले से भी एक बेटा शेखु है। 3 साल बाद, वे चाहते हैं कि यूसुफ को वापस ले लिया जाए लेकिन फरीदा ने रेलवे स्टेशन पर यूसुफ को छोड़ दिया और शेखु को उनको दे दिया। शेखु को स्वीकार कर लिया जाता है, जबकि यूसुफ एक गरीब हिंदू आया के पास पहुंच जाता है।

विडंबना यह है कि यूसुफ को अपनाने का फैसला करने के बाद खुद नवाब के साथ आया को अपनी नौकरी खो देनी पड़ती है। वर्षों बाद, युसुफ बड़े हो गया है और ऑल इंडिया रेडियो पर 'चाँद' के रूप में गाता हैं। वह अमीर विधुर खान बहादुर की बेटी, जमीला बानू से मिलता है और प्यार करने लगता है। इससे अनजाने में घटनाओं की एक श्रृंखला स्थापित होती हैं।

मुख्य कलाकारसंपादित करें

संगीतसंपादित करें

सभी गीत साहिर लुधियानवी द्वारा लिखित; सारा संगीत रोशन द्वारा रचित।

क्र॰शीर्षकगायनअवधि
1."यूँ ही दिल ने चाहा था"सुमन कल्याणपुर3:18
2."दिल जो भी कहेगा मानेंगे"मुकेश3:14
3."गुस्से में जो नखरा है"मुकेश3:12
4."लागा चुनरी में दाग"मन्ना डे6:29
5."पर्दा उठे सलाम हो जाये"मन्ना डे, आशा भोंसले3:19
6."तुम अगर मुझको ना चाहो"मुकेश3:27
7."भूले से मोहब्बत कर बैठा"मुकेश3:57
8."निगाहें मिलाने को जी चाहता है"आशा भोंसले6:36
9."तुम्हारी मस्त नजर गर"मुकेश, लता मंगेशकर3:24
10."चुरा ले ना तुमको ये मौसम"मुकेश, सुमन कल्याणपुर3:15

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें