भारत में ब्रिटिश राज के विरुद्ध झांसी की रानी लक्ष्मीबाई द्वारा गठित महिला सेना थी, जिसको रानी ने हिंदु देवी दुर्गा के नाम पर दुर्गा दल नाम दिया था। इसका नेतृत्व रानी लक्ष्मीबाई और झलकारी बाई ने किया था।[1][2][3][4][5][6]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "Jhalkari Bai, a little known chapter on a woman's courage in colonial India" [झलकारी बाई, औपनिवेशिक भारत में एक महिला के साहस पर एक अल्पज्ञात अध्याय]. Rediff (अंग्रेज़ी में). rediff. मूल से 19 मार्च 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 1 अक्तूबर 2016.
  2. सफ़वी, राणा. "The Forgotten Women of 1857" [१८५७ की भूली बिसरी महिलाएँ]. The Wire. मूल से 11 अगस्त 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 1 अक्तूबर 2016.
  3. Moran, Michelle. "From Village Life to Palace Life". Wonders & Marvels. Wonders & Marvels. मूल से 10 जून 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 1 अक्तूबर 2016.
  4. Chakrabarty, Pritha. "The 'rebel' queen who never emerges as the hero". The Asian Age (अंग्रेज़ी में). The Asian Age. मूल से 4 मई 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 1 अक्तूबर 2016.
  5. Shekhar, Mimansa. "7 Reasons It's Time Bollywood Made A Historic Film On Jhalkari Bai - Rani Laxmibai's Body Double". Indiatimes (अंग्रेज़ी में). Indiatimes. मूल से 15 फ़रवरी 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 1 अक्तूबर 2016.
  6. चावला, भास्कर. "Remembering the Forgotten: The Women of the Revolt of 1857". Vagabomb (अंग्रेज़ी में). Vagabomb. मूल से 30 अप्रैल 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 1 अक्तूबर 2016.