देवपुत्र बच्चों पर केन्द्रित हिन्दी की एक बाल पत्रिका है। यह भारत की सर्वाधिक प्रसार संख्या वाली बाल पात्रिका है। यह इन्दौर से प्रकाशित होती है। इसका उद्देश्य बालकों में सृजनात्मकता व अभिव्यक्ति का विकास करना है। देवपुत्र के सम्पादक श्री कृष्ण कुमार अष्ठाना हैं। प्रबंध सम्पादक श्री विकास दवे हैं। सरस्वती बाल कल्याण न्यास, इन्दौर म.प्र. इसके प्रकाशक हैं।[1]

इतिहाससंपादित करें

1 दिसम्बर 1985 को देवपुत्र एक स्मारिका के रूप में प्रारम्भ हुई थी। कुछ वरिष्ठ मार्गदर्शकों की इच्छा के कारण इसने एक वार्षिक पत्रिका का रूपधारण कर लिया। धीरे धीरे इसी इच्छाशक्ति ने इसे मासिक पत्रिका का रूप दे दिया। रोशनलाल सक्सेना और विश्वनाथ मित्तल ने इस नन्हे से पौधे को बालपन से दुलराया, सहलाया और अपने स्नेह से सींचकर शिशु से बालरूप तक बढ़ने में सहयोग दिया। 1991 तक वे कृमशः देवपुत्र के सम्पादन का भार सम्हालते रहे। उसके बाद कृष्णकुमार अष्ठाना ने पूरी विनम्रता के साथ इस बाल पत्रिका को अपनी स्नेहमयी गोद में स्वीकार किया।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "मेरी दुनिया मेरे सपने, शीर्षक: ऑनलाइन/ऑफलाइन हिन्‍दी मैग्‍ज़ीन का वृहद संग्रह।". Archived from the original on 1 अगस्त 2013. Retrieved 29 जुलाई 2013. Check date values in: |access-date=, |archive-date= (help)

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें