वाल्मीकि रामायण के अनुसार देवान्तक रावण और उसकी दूसरी पत्नी दम्यमालिनी के चार पुत्रों में से तीसरा पुत्र था।

उत्पत्तिसंपादित करें

देवान्तक का जन्म दम्यमालिनी के गर्भ से रावण के पुत्र के रूप में हुआ था। वह अपने पिता रावण के समान ही बलशाली और विद्वान था।

मृत्युसंपादित करें

देवान्तक का वध लन्का युद्ध में इन्द्र और अरुण के पौत्र और वानरराज बालि के बलशाली पुत्र अन्गद के हाथों हुआ था।