द्रविड़ शब्द अनेक अर्थों में प्रयुक्त होता है-

  • दक्षिण एशिया से संबंधित शब्द है: स्कन्दपुराण के अनुसार विन्ध्याचल से दक्षिण भरत का समग्र भूभाग 'पंचद्रविड' कहलाता है। प्राचीन भारत के इतिहास मे विन्ध्याचल की उत्पत्ति से ही वैदिक ब्राह्मण दो तरफ हो गये | उत्तर में औत्तरीयपथ के अनुयायी 'पंचगौड' और दक्षिण में दाक्षिणात्यपथ के अनुयायी 'पंचद्रविड'। पंचगौड में - गौड, सारस्वत, कान्यकुब्ज, मैथिल और औत्कल हैं। उसी प्रकार पंचद्रविड मे- द्रविड, कार्णाटक, तैलंग, महाराष्ट्र और गौर्जर हैं। भारतके कई जनसमूह इन्ही दश वर्ग में आते हैं।



बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

  • द्रविड़ शब्द संस्कृत द्रविद से बना है. द्र यानि द्रष्टा और विद यानि ज्ञानी या जाननेवाला. ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी भी द्रविड़ शब्द की उत्पत्ति संस्कृत शब्द Dravida से बताता है. वैदिक विद्वान, मंत्रद्रष्टा, ज्ञानी, ऋषि या ब्राह्मण दक्षिण भारत में द्रविड़ कहलाते थे.‘Sanskrit can unite regions in India, Asia’