द्विसदनपद्धति

(द्वीसदनीय प्रणाली से अनुप्रेषित)

सरकारी व्यवथाओं में द्विसदनपद्धति उस विधि को कहते हैं जिसमें विधायिका में दो सदन हों। इसे द्विसदन विधानमण्डल भी कहते हैं। उदाहरण के लिये भारतीय संसद में दो सदन हैं: लोक सभा और राज्य सभा। इसके विपरीत फ़िलिपीन्स जैसे कुछ देशों में एकसदनी संसदें हैं।[1]

██ द्विसदनीय विधायिकाओं वाले देश██ एकसदनीय विधायिकाओं वाले देश██ विधायिक-रहित देश

उदाहरणसंपादित करें

यह प्रणाली भारत, ब्रिटेन, सोवियत संघ, अमरीका आदि देशों में प्रचलित है। इसके विपरीत चीन, नेपाल, चेकोस्लोवाकिया आदि कुछ ऐसे देश हैं, जहाँ विधायिका में एक सदन ही है। ऐसी व्यवस्था को एकसदन विधानमण्डल कहा जाता है। मध्यकालीन विधायिकाओं में कहीं-कहीं तीन, चार या पाँच सदन होते थे, जिममें प्रत्येक सदन समाज के किसी वर्ग या जागीर का प्रतिनिधित्व करता था।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Softrigger Interactive (2008-02-25). "Philippines : Gov.Ph : About the Philippines". Web.archive.org. Retrieved 2013-11-26.