द एडवेंचर ऑफ़ द स्पेकेल्ड बैंड

सर आर्थर कॉनन डॉयल की लघुकथा

"द एडवेंचर ऑफ़ द स्पेकेल्ड बैंड" स्कॉटिश लेखक सर आर्थर कॉनन डॉयल द्वारा शर्लक होम्स पर लिखी गई ५६ लघुकथाओं में से एक है। यह द एडवेंचर्स ऑफ़ शर्लक होम्स में एकत्रित बारह कहानियों में आठवीं है। इसके अतिरिक्त यह उन चार शर्लक होम्स कहानियों में से एक है, जिन्हें लॉक रूम मिस्ट्री के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। यह कहानी पहली बार फरवरी १८९२ में स्ट्रैंड पत्रिका में प्रकाशित हुई थी, जिसमें इसके चित्र सिडनी पागेट द्वारा बनाये गए थे। अगस्त १९०५ में फिर इसे न्यू यॉर्क वर्ल्ड में अन्य शीर्षक "द स्पॉटेड बैंड" के तहत प्रकाशित किया गया था। डॉयल ने बाद में खुलासा किया कि उनके अनुसार यह उनकी सर्वश्रेष्ठ होम्स कहानी थी।[1]

"द एडवेंचर ऑफ़ द स्पेकेल्ड बैंड"
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सिडनी पागेट द्वारा १८९२ में निर्मित चित्र
लेखक आर्थर कॉनन डॉयल
भाषा अंग्रेजी
शृंखला द एडवेंचर्स ऑफ़ शर्लक होम्स
प्रकाशन तिथि १८९२

डॉयल ने इस कहानी के आधार पर एक भी नाटक लिखा और बनाया था। इस नाटक का प्रीमियर ४ जून १९१० को लंदन के एडेलफी थियेटर में हुआ, और इसमें एच ए सैंट्सबरी ने शर्लक होम्स और लिन हार्डिंग ने डॉ ग्रिम्सबी रॉयलॉट की भूमिका निभाई थी। इस नाटक का नाम "द स्टोनर केस" रखा गया था, और इसके कई विवरण कहानी से अलग थे, जिनमें कुछ पात्रों के नाम भी शामिल थे।[1]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Green, Richard Lancelyn (1998). "Explanatory Notes". The Adventures of Sherlock Holmes. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस. पपृ॰ 361–367. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-19-283508-4.

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