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नजफ़
An Najaf / النجف‎
नजफ़ की इराक़ के मानचित्र पर अवस्थिति
नजफ़
नजफ़
इराक़ में स्थिति
सूचना
प्रांतदेश: नजफ़ प्रान्त,Flag of Iraq.svg इराक
जनसंख्या (२००८): ५,६०,००० (अनुमानित)
मुख्य भाषा(एँ): अरबी
निर्देशांक: 32°00′00″N 44°20′00″E / 32.00000°N 44.33333°E / 32.00000; 44.33333
इमाम अली मस्जिद

नजफ़ (अरबी: النجف, अन्नजफ़)इराक़ का एक प्रमुख शहर है जो राजधानी बग़दाद के 160 किलोमीटर दक्षिण में बसा है। सुन्नियों के चौथे ख़लीफ़ा यानि शिया इस्लाम के पहले इमाम अली की मज़ार के यहाँ स्थित होने की वजह से ये इस्लाम तथा शिया इस्लाम का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहाँ की कब्रगाह दुनिया की सबसे बड़ी कब्रगाह मानी जाती है। यह नजफ़ प्रान्त की राजधानी है जिसकी आबादी 2008 में साढ़े पाँच लाख थी।

इतिहाससंपादित करें

अली इब्न अबि तालिब, यान अबि तालिब के बेटे अली, जिनको सुन्नी मुस्लिम चौथे ख़लीफ़ा मानते हैं और शिया प्रथम इमाम को अपने जीवन काल में ही जान का ख़तरा था। उनके पहले दो ख़लीफ़ाओं की हत्या कर दी गई थी - अपनी कब्र के साथ ऐसी ही आशंका को देखकर उन्होंने अपनी लाश को एक गुप्त स्थान पर दफ़नाने की इच्छा ज़ाहिर की थी। इस कारण सन् 661 में उनके मरने के बाद विश्वस्त लोगों ने ऊँट पर उनका शव लाद कर एक अनिश्चित स्थान पर ले गए जहाँ ऊँट बैठ गया। इसी जगह पर बिना किसी मज़ार के उनकी लाश को दफ़ना दिया गया। आठवीं सदी में जब मुस्लिम शासन की बागडोर अब्बासी ख़लीफ़ाओं के हाथ गई तो हारुन रशीद को इस स्थान के बारे में पता चला तो वहाँ एक मज़ार बना दी गई। इमाम अली मस्जिद शिया मुसलमानों के लिए करबला के बाद सबसे अधिक प्रतीकात्मक स्थल बन गया है।

सन् 2003 के बाद अमरीकी फ़ौजों की उपस्थिति की वजह से यहाँ एक महत्वपूर्ण विदेशी विरोध आन्दोलन चला जिसमें शिया विरोधियों की सक्रियता थी।