क्रांतिसिंह नाना पाटील (३ अगस्त १९००–६ दिसम्बर १९७६) भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी तथा सांसद थे। उन्हें 'क्रांतिसिंह' कहा जाता है। ब्रिटिश सत्ता को सीधे चुनौती देते हुए उन्होंने अंग्रेजी शासन प्रशासन को अस्वीकार कर दिया और 1940 में ही सातारा जिले में 'प्रति सरकार' नाम से एक स्वतंत्र सरकार की स्थापना की।[1]

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