एक ऐसा सन्देश जो किसी काम को न करने का आदेश दे रहा हो, वह निषेधवाचक वाक्य कहलाता है। इन वाक्यों में प्रायः न, नहीं या मत जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है। 'नहीं' का प्रयोग सामान्यतः सभी स्थितियों में किया जाता है, लेकिन 'मत' का प्रयोग प्रायः आज्ञावाचक वाक्यों में और 'न' का प्रयोग 'अगर' या 'यदि' जैसे शब्दों से शुरू होने वाले वाक्यों में किया जाता है।[1]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. सत्यार्थी, कमल; गुप्ता, रवि प्रकाश; प्रकाश, दीप्ति. मानक हिन्दी व्याकरण एवं रचना. सरस्वती प्रकाशन. पृ॰ 224. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9788173357824. मूल से 10 जनवरी 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 9 जनवरी 2017. |pages= और |page= के एक से अधिक मान दिए गए हैं (मदद)

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