निहाल चन्द बेरी का जन्म १८९३ ई० में हुआ। आपका बाल्य-जीवन बिहार और काशी में तथा उसके बाद का जीवन सन् १९४० तक कलकत्ते में बीता। आप 'हिन्दी प्रचारक पुस्तकालय' के नाम से प्रकाशन का काम करते रहे। बेरी जी ने पाँच पुस्तकें लिखी हैं जो इस प्रकार हैं- मोती महल, जादू का महल, सोने का महल, आनन्द भवन और प्रेम का फल। बेरी जी की सभी पुस्तकें तिलस्मी उपन्यास हैं।