नीसो का एक काल्पनिक चित्रण

नीसो सौर मण्डल के आठवे ग्रह वरुण का एक उपग्रह है। यह वरुण के उपग्रहों में एक बाहरी कक्षा में परिक्रमा करने वाला उपग्रह माना जाता है। नीसो का औसत व्यास लगभग ६० किमी है और इसका अकार बेढंगा है (यानि गोल नहीं है)। नीसो वरुण से क़रीब ४.९३ करोड़ किमी की दूरी पर उसकी परिक्रमा करता है - यह इतना दूर है के नीसो को वरुण का एक चक्कर लेने में २६ साल से भी अधिक लग जाते हैं।[1] नीसो का परिक्रमा करने का ढंग और उसकी परिक्रमा की कक्षा वरुण के एक अन्य चन्द्रमा (सैमअथी) से इतनी मिलती-जुलती है के कई वैज्ञानिकों का कहना है के यह सैमअथी और नीसो कभी एक ही बड़े चन्द्रमा के दो हिस्से हैं जो किसी कारण से अतीत में टूट गया।[2] सैमअथी और नीसो वरुण से जितनी दूरी पर हैं उतनी दूरी पर हमारे सौर मण्डल में कोई भी अन्य उपग्रह अपने ग्रह से नहीं है।[3]

अन्य भाषाओँ मेंसंपादित करें

नीसो को अंग्रेज़ी में "Neso" कहते हैं।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. T. Grav, M. Holman, W. Fraser (2004). "Photometry of Irregular Satellites of Uranus and Neptune". Astrophysical Journal Letters. 613 (1): L77–L80. arXiv:astro-ph/0405605. Bibcode:2004ApJ...613L..77G. doi:10.1086/424997.CS1 maint: multiple names: authors list (link)
  2. Scott S. Sheppard; David C. Jewitt; Jan Kleyna (2006). "A Survey for "Normal" Irregular Satellites Around Neptune: Limits to Completeness". The Astronomical Journal. 132: 171–176. arXiv:astro-ph/0604552. Bibcode:2006AJ....132..171S. doi:10.1086/504799.CS1 maint: multiple names: authors list (link)
  3. Schmude, Richard, Jr. (2008). Uranus, Neptune, Pluto and How to Observe Them. Springer. p. 106. ISBN 0387766014.